RightRaviWrite

addressing issues

जिन्ना का जिन्न

Posted by Ravi Kumar Sinha • Friday, May 18. 2018 • Category: मुद्दा

बनना, संवारना, और बिखर जाना यही इस प्रकृति का एकमात्र सत्य है. सभ्यता, संस्कृति, देश, राज्य और इंसान इस दुनिया में हर एक चीज पर यह सिधांत लागू होता है. भारत के परिपेक्ष्य में भी ये बातें अक्षरशः सत्य हैं. यहाँ के लोगों ने भी सभ्यताओं, धर्म और इंसानी फलसफा को बनते और बिगड़ते कई बार देखा है. यहाँ के लोगों ने देश की सरहदों को कई बार बढ़ते और घटते हुए देखा है. आपसी भाईचारे को कभी बेहद मजबूत तो कभी बेहद कमजोर शक्ल में देखा है. यही हमारा इतिहास है और शायद यही हमारा भविष्य भी होगा. पर इस इतिहास से बहुमत इत्तेफाक नहीं रखता है. अपना लिखा इतिहास और अपना बताया भूगोल अपने लोगों के बीच फैलाना इस हिस्से के लोगों का प्रिय शगल रहा है.

Continue reading "जिन्ना का जिन्न"