हिन्दुओं का उभार

29 Apr 2019 Comments: 0 Views: 
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Ravi-Kumar-Sinha
Posted by Ravi-Kumar-Sinha
अगर संकेतों को सच माना जाए तो 2019 के चुनाव एक ऐसी कहानी कहने जा रहे हैं जो कि सदियों तक सिर्फ सोची गई थी. एक ऐसे समाज की कहानी जो लगातार गुलाम रहा पर अपनी जड़ों से कटा नहीं, जी हां, बात हो रही है उन हिंदुओं की जो आज भी अपने पूर्वजों के बताए हुए रास्ते पर चलना चाहते हैं और अपनी आने वाली पीढ़ियों को भी इसी रास्ते पर चलाना चाहते हैं.
लगभग 800 वर्षों की विदेशी इस्लामिक गुलामी और उसके तुरंत बाद 300 वर्षों के विदेशी ईसाई गुलामी से बेहाल इस समाज को देश की आजादी के बाद भी सत्ता में हिस्सेदारी नहीं मिल सकी थी. आजादी के बाद जो भी सरकार आई उसने वही सारे काम किए जो गुलामी के दिनों में सरकार उनके साथ किया करती थी. जो दो बातें आज भी व्यथित करते हैं उनमें पहला है मुस्लिम बहुल क्षेत्र कश्मीर में हिंदुओं का रहना और बसना आज भी मना है, और दूसरा अपने आराध्य राम की जन्मभूमि पर सैकड़ों सालों से मंदिर का इंतजार

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