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addressing issues

ट्रॉल्स का भ्रम

Posted by Ravi Kumar Sinha • Monday, September 24. 2018 • Category: बहस

समाज में हुआ बदलाव हमेशा व्यक्ति और उनके रहन सहन को प्रभावित किया है. नई बहस और नई  सोच को सामने किया है. समाज की संरचना को को इस बदलाव से बार-बार चुनौती मिली है. इस बदलाव को को हजारों सालों से निम्न वर्ग स्वीकारता रहा है. पर अपना स्थान खोने के डर ने उच्च वर्ग को हमेशा ऐसे बदलाव को तिरछी नजर से देखा है. फिर चाहे वो राजशाही से से लोकतंत्र की ओर कूच हो या फिर समाज के निचले वर्ग से रोटी-बेटी का सम्बन्ध. आज के दौर की सामाजिक संरचना में भी जो ऊपर है चाहे वो भले ही नीचे से ही क्यों न आये हों वो नीचे वालो को हेय दृष्टि से देखते भी है और उसे बताने में भी संकोच नहीं करते हैं.